कृषि के क्षेत्र में राज्य सरकार केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल में उतारने में पूरी तरह विफल-ज्ञान रंजन सिन्हा

 



धनबाद -कृषि के क्षेत्र में राज्य सरकार  केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल में उतारने में पूरी तरह विफल है।यह आरोप भाजपा जिलाध्यक्ष,धनबाद(ग्रामीण) ने एक एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लगाया है।

झारखंड में लगभग 38 लाख हेक्टेयर क्षेत्र भूमि खेती योग्य है ,भारत सरकार के बीज प्रतिस्थापन दर (Seed Replace Rate) 33%के अनुसार लगभग 4 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज की आवश्यकता है परन्तु राज्य सरकार मात्र 10-15% लक्ष्य प्राप्त कर पा रही है ।

स्थानीय किसानों द्वारा बीज उत्पादन निति (वर्ष 2003-04 से लागू) को बढावा देने के बजाय सरकार बाहर की एजेंसी को प्रश्रय देकर बिचौलियाबाद को बढावा दे रही है।

निजी बीज कंपनियां बाहर से 

(Truthful Labels) T L Seed (T L seed is not a certified seeds)Seed लाकर किसानों को मनमानी दामों पर बेचती है ।पारंपरिक खेती यथा,मडुवा, कोदो, गुदली, बाजरा, तिल,कुलथी आदि को बढावा देने के दिशा में कोई सोच नहीं है इससे गरीब, आदिवासी किसान को लाभ नहीं मिल पा रहा है ।भाजपा सरकार द्वारा किसानों को खेती के लिए 5 हजार रुपये प्रति एकड (पांच एकड तक)की सहायता राशि बंद कर सरकार ने किसान विरोधी काम किया है ।

धनबाद जिला मे अवस्थित कृषि फार्म टुण्डी,बाघमारा, बलियापुर, निरसा ,गोविंदपुर सभी बेकार पडे हैं ।

तोपचाची स्थित झील में मछली पालन हेतु पूर्व मे कार्यरत स्थानीय महिला समूहों को ना देकर टेंडर निकालना सरकार की स्थानीयता विरोधी निति काम कर रही है ।

7,सत्ता में आने के लिए J M M, Congress द्वारा किसानों से किए वायदे जैसे कृषि कर्ज माफी,धान अधिप्राप्ति में 500 रुपैये प्रति क्विंटल बोनस के वायदे पूरा नहीं कर सकी।

कृषि के बजट आकार को काफी हद तक छोटा कर दिया गया ।

Soil health card बनाने की दिशा में झारखंड प्रदेश फिसड्डी साबित हो रही है ।

केन्द्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ सरकार किसानों को नहीं दिला पा रही है ।

भाजपा सरकार द्वारा B P L महिलाओं को 90%अनुदान पर दी जाने वाली 2 गाय की को सरकार आगे नहीं बढ़ा रही है।

12,धनबाद के भूदा में स्थित दूध प्रसंस्करण संयंत्र को पुनर्जीवित करने का प्रयास सरकार नहीं कर रही है।

13,खरीफ समाप्त होने के बाद भी अभी तक फसल बीमा योजना को सरकार किसानों तक पंहुचा नहीं पा रही है ।

झारखंड सरकार जैविक खेती  को बढावा देने के दिशा में अन्य राज्योंकी तुलना में काफी पिछे है, तथा जैविक खेती का लाभ एवं 

उपयोगिता की जानकारी किसानों तक सरकार पंहुचाने में सरकार विफल हो रही है ।

बंजर जमीन को खेती योग्य भूमि बनाने में सरकार की कोई सोच नहीं है।यह सरकार पूर्णतः किसान विरोधी सरकार है।किसान-किसानी से ऐसे कोई लेना देना नही है।

         

                

                                

                    

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