शिवगादी धाम में लॉक डाउन का उल्लंघन करने के जुर्म में झूठा केस दर्ज कर फंसाया गया,नंदलाल साह





शिवगादी धाम में लॉक डाउन का उल्लंघन करने के जुर्म में झूठा केस दर्ज कर फंसाया गया,नंदलाल साह

साहिबगंज:-बरहेट थाना अंतर्गत हाथीगढ़ निवासी नंदलाल साह ने प्रेस विज्ञप्ति कर बताया की मेरे उपर बेबुनियाद मामला दर्ज कर मुझे फंसाया जा रहा  है जो सरासर झूठ है।मैने राखी कुमारी को बेरहमी से पीटने तथा बदसलूकी करने वाले थाना प्रभारी हरीश पाठक का वीडियो वायरल किया था. ज्ञात हो कि राखी कुमारी रामु मंडल से प्यार करती थी और परिणय सूत्र में बनना चाहती थी जो कि उनके परिवार को मंजूर नहीं था जिसके कारण राखी कुमारी की मां के द्वारा 20 जुलाई को बरहेट थाना प्रभारी हरीश पाठक के पास मौखिक शिकायत दर्ज कराया  था।उसके बाद रामु मंडल के पिता राजेंद्र मंडल जो कि बरहेट स्वास्थ्य केंद्र में चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी हैं उन्हें थाना प्रभारी हरीश पाठक के द्वारा 20 जुलाई को ही उठा लिया गया तथा बेरहमी से मारपीट किया गया एवं 25जुलाई तक उन्हें हाजत में रखा गया एवं बुरी तरह से पीटा गया था।जिसकी शिकायत मेरे द्वारा डीएसपी बरहरवा को किया गया तो 25 जुलाई को रात 8:00 बजे राजेंद्र मंडल को छोड़ दिया गया।राखी कुमारी को बेरहमी से पीटने वाले थाना प्रभारी का वीडियो वायरल होने के पश्चात थाना प्रभारी हरीश पाठक के द्वारा जबरन मुझे किसी भी केस में फंसाने की साजिश उनके एजेंटों के द्वारा किया जाने लगा और किसी आदिवासी को मेरे खिलाफ बहला फुसला कर झूठा मुकदमा दायर करना चाहा।अगर जिला प्रशासन  दोषी हरीश पाठक का कॉल डिटेल 27 जुलाई के दोपहर 1 से लेकर रात 8 तक के निकालकर देखा जाए तो सही बात सामने आ जायेगा।उसके बाद मेरे द्वारा निर्दोष होने का प्रमाण और सुरक्षा का गुहार लगाने वाला वीडियो कर वरीय पदाधिकारियों में वायरल करने के बाद मुझे आश्वासन दिया गया कि ऐसा नहीं होगा,परंतु पूरी प्रशासन की नजर मुझ पर है और मुझे किसी भी केस में बेवजह फंसाने के लिए प्रशासन लगी हुई है और आखिरकार मुझे कांड संख्या  106/ 20 में शिवगादी धाम में लॉक डाउन का उल्लंघन करने के जुर्म में झूठ का फंसाया गया है जबकि मैं उस रात उक्त जगह पर मौजूद भी नहीं था और मुझ पर बेल ना होने वाले धारा 353 लगाया गया।जबकि कांड संख्या 105 /20 हरीश पाठक के द्वारा राखी को जबरन मारपीट और बदसलूकी के कांड में हरीश पाठक पर कोई सख्त धारा नहीं लगाई गई ।यह प्रशासन और हरीश पाठक की मिलीभगत है कृपया इस घटना की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

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