मुख्यमंत्री को झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन ने लिखा पत्र


साहिबगंज: झारखंड लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन ने नगर निकाय में वर्षों से कार्यरत दैनिक मजदूरों को नियमितीकरण व सेवानिवृत कर्मचारियों को पेंशन भुगतान करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।साथ ही दिये गये पत्र में बताया गया कि पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोनावायरस (कोविड-19) के प्रकोप से त्रस्त है। झारखंड में भी इसका प्रकोप बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बीमारी और ज्यादा ना फैले इस उद्देश्य से हमारे सभी सफाई कर्मी दिन-रात एक करके झारखंड को स्वच्छ बनाने में लगे हैं। युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे कर्मी अल्प वेतनभोगी हैं। बताया कि सरकार के मंत्री एवं सचिव से लिखित समझौता हुआ था। मंत्री के निर्णय संकल्प 1591, 16 मार्च 2011 के आलोक में वर्षों से कार्य कर रहे तमाम दैनिक वेतन कर्मी को एक मुश्त नियमित की बात हुई थी। सर्वोच्च न्यायालय का भी निर्णय आया है की जो कर्मी वर्षों से लगातार कार्य कर रहे हैं। उसे नियमित किया जाएगा। इसके बावजूद इस कार्य में दलित एवं आदिवासी को ठगने का कार्य किया जा रहा है। इस मुद्दे पर सरकार एवं लोकल बॉडीज इंप्लाइज फेडरेशन के साथ 3-3-2020 विभागीय समिति के साथ हुए बैठक में अनुमोदन हुआ था। झारखंड सरकार के मंत्री परिषद के निर्णय संख्या 1591 दिनांक 16 मार्च 2011 के वर्ष 2018 के पूर्व से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को के विरुद्ध वरीयता के आधार पर सम्मिलित किया गया था। स्थापना मद, वेतन भत्ता, पेंशन त्रुटि होने वाले राशि, अनुदान राशि का भी अनुमोदन किया गया था। लेकिन इसका लाभ अभी तक कर्मियों को नहीं मिला। उन्होंने बताया कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो सितंबर के अंतिम सप्ताह में पूरे  झारखंड के निकाय कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे।

क्या है मांग:बरसों से कार्य कर रहे दैनिक कर्मी का  स्थानीयकरण।

निकाय में वर्षों से कार्यरत नगर प्रबंधक एवं और अनुबंध कर्मियों का  स्थाई करण। निकाय ठेका प्रथा को समाप्त किया जाए। सेवानिवृत कर्मचारियों को उपादान एवं अन्य अवकाश का भुगतान एवं पेंशन का भी भुगतान सरकारी कोष से किया जाए।

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