पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर झारखंड विधानसभा में भाजपा नेताओं को माल्यार्पण से रोकना लोकतंत्र के लिए घातक-अनंत

 

झारखंड विधानसभा परिसर में पूर्व पीएम भारत रत्न स्व अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर भाजपा नेताओं को माल्यर्पण करने से रोकना लोकतंत्र के लिए घातक :अनंत



साहिबगंज : पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल विहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर जिस प्रकार से झारखंड विधानसभा परिसर में स्थित अटल विहारी वाजपेयी की प्रतिमा में भाजपा सांसद समीर उराँव व भाजपा प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू को माल्यर्पण नहीं करने दिया गया, ये बेहद निंदनीय व लोकतंत्र के लिए चिंताजनक हैं. उक्त बातें राजमहल विधायक अनंत कुमार ओझा ने प्रदेश भाजपा द्वारा घोषित कार्यक्रम के तहत मिडिया से कहा. उन्होंने  कहा की भाजपा नेता व सांसद समीर उरांव ने स्वयं जानकारी दी की  उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्व वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके  प्रतिमा पर माल्यार्पण करने विधानसभा परिसर पहुँचे थे. उन्हें माल्यार्पण करने से रोका गया. जब उन्हें अनुमति नहीं मिली तो सांसद समीर उरांव ने विधानसभा सचिव को फोन करके उनसे अनुमति मांगी मगर विधानसभा सचिव ने माल्यार्पण करने से अनभिज्ञता ज़ाहिर की. विधायक  ने कहा कि झारखण्ड का कण कण अटल विहारी वाजपेयी का ऋणी है. पचास वर्षों से अलग राज्य की माँग को भाजपा शासन में श्रद्धेय अटल विहारी वाजपेयी ने ही पूर्णता दी थी. स्वयं अटल विहारी वाजपेयी का व्यक्तित्व पक्ष विपक्ष से परे रहा है. विपक्ष में रहते हुए भी दलिय सीमा से परे कई अवसरों पर वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व किया है. छोटे राज्यों के हिमायती तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी हर तरह के राजनीतिक विरोध का सामना करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़, उत्तराखंड के साथ-साथ झारखंड के गठन का भी रास्ता साफ कर दिया. रविवार को भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री कोरोड़ो लोगो के प्रेरणा देने वाले व्यक्तित्व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूसरा पुण्यतिथि पर झारखंड सरकार द्वारा जिस प्रकार से शासन स्तर पर लापरवाही की गयी. ये बेहद निंदनीय चिंताजनक व लोकतंत्र के लिए खतरा हैं. झारखंड में महापुरुषों को दलिय आधार पर विभाजन करने की परम्परा नही रही है. आख़िर इस प्रकार की लापरवाही के लिए कौन ज़िम्मेदार है. राज्य की जनता के समक्ष श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का अपमान करने वाले पर झारखण्ड सरकार ने क्या कार्रवाई की.


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