कैप्टन कूल ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, नीली जर्सी में अब नहीं दिखेंगे धोनी।

 





कैप्टन कूल ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, नीली जर्सी में अब नहीं दिखेंगे धोनी।

देवघर ब्यूरो रिपोर्ट- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एम एस धोनी ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेलिया।धोनी ने यह जानकारी अपने ट्वीटर मिडिया अकाउंट के जरिये फैंस को दी। उन्होंने कहा वो 7 बजकर 29 मिनट के बाद रिटायर्ड क्रिकेटर कहलायेंगे। धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को साल 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 में क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी दिलाई।महेंद्र सिंह धोनी चाहते थे कि वह भारत को एक और बड़ा खिताब दिलाकर संन्यास की घोषणा करेंगे, इसके लिए वह टी-20 वर्ल्ड कप का इंतजार भी कर रहे थे, लेकिन कोरोना वायरस ने उनकी सारी प्लानिंग पर पानी फेर दिया। टी-20 वर्ल्ड कप टाल दिया गया और धोनी जिस तरह से क्रि​केट को अलविदा कहना चाहते थे वो नहीं हो सका।उनके अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहते ही उनके फैंस मायूस होगये सभी के आंखे आंसू से भर गई और सभी फैंस सोशल मीडिया पर अपने गम को साझा कर रहे है।  कैप्टन कूल ने हमेशा से अपने अचानक लिए फैसले से सभी को चोंकाने का काम किया है। 15 अगस्त आज़ादी का दिन और छुट्टी का भी दिन जब  कोई अखबार अगले दिन नहीं आएगा ऐसे में क्रिकेट फैंस को उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय  क्रिकेट से संन्यास लेलिया। आपको बता दें कि एमएस धोनी का पहला प्रेम क्रिकेट नहीं बल्कि सेना था। पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी वेस्टइंडीज दौरे पर टीम के साथ नहीं गए, उन्होंने दो महीने की छुट्टी ले ली थी। इस दौरान उन्होंने सेना में अपनी सेवाएं दी। धोनी पैराशूट रेजीमेंट की 106 पैरा टेरिटोरियल आर्मी बटालियन का हिस्सा बने। उन्होंने 31 जुलाई से 15 अगस्त तक यूनिट के साथ कश्मीर में ट्रेनिंग की यह यूनिट विक्टर फोर्स का हिस्सा है। धोनी ने यहां पेट्रोलिंग, गार्ड और पोस्ट की ड्यूटी संभालें। इस दौरान वे जवानों के साथ ही उनके कैम्प में ही रहें, उनके साथ ही खाना भी खाया। वहीं धोनी के अनाउंसमेन्ट के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर धोनी का फेयरवेल मैच रांची में ही कराने की बात की है।

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