सड़क में भरा पानी लोगों को हो रही परेशानी

ब्यूरो रिपोर्ट।उधवा/साहिबगंज :-- प्रखंड क्षेत्र पश्चिम प्राणपुर के कई ऐसे सड़के हैं जो दशकों से अपनी बदहाली पर रोना रो रहा हैं। जिससे होकर चलने में लोग वर्षो से मजबूर हैं । हर सुबह, हर शाम वही कीचड़ों भरी सड़के , वही गड्ढे में तब्दील सड़क से तंग आ चुके हैं । इन जैसे रास्ते में लोग रोज़ गिर-गिर के मर मर के चलते हैं , हर रोज कोई न घटना होते रहते हैं । लेकिन इन सभी समस्याओं से तंग आकर लाचार जनता करे भी तो क्या करे. सूबे की सरकार में हर इलाके की विकास की घोषणा के बावजूद भी दियारा का यह इलाका लगातार विकास के लिए तरसते आ रहा हैं। लेकिन विकास इन जैसे गाँवो में सिर्फ सपने में ही आते हैं । विकास इन जैसे दियारा क्षेत्र के लिए सिर्फ सपना बनके रह गया है । क्या सरकार की विकास के सिस्टम की परिक्रिया गाँव में पहुंच ही नहीं रहे हैं .या गाँव के विकास के लिए सरकार की फाइले उनके ही गोल-गोल चक्रव्यूह में घूमते-घूमते दम तोड़ दे रहे हैं. क्यों इन क्षेत्र में विकास कोसो दूर नजर आ रहा है । कही ऐसा तो नहीं की सरकार को गाँव की समस्याओं से अवगत नहीं होने की वजह से , या कही प्रशासन में नौकरशाही प्रवृत्ति के कारण या फिर कही जनप्रतिनिधियों की उदासीनता एवं  अपना राजनीतिक रोटी सेंकने के कारण ऐसे क्षेत्र के हजारों लोग अपनी बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। हम बात कर रहे हैं पश्चिम प्राणपुर के बोरक टोला और गोहाटी बाज़ार को जोड़ने वाली सड़क की जो लगभग आज़ादी के बाद से ही जर्जर व बदतर से बदतर हालात में है ! जो क्षेत्र की आम जनता से लेकर जनप्रतिनिधियों तक हर कोई यह समस्या से भले-भांति परिचित हैं , बावजूद किसी ने भी अबतक ठोस पहल नहीं कि समस्या से निजात दिलाने में । यह रास्ता इलाके की सैकड़ो गाँवो को जोड़ते हैं , इस रास्ते से होकर हजारों लोग रोज आवागमन करते हैं । लगातार हो रही बारिश के वजह से सड़क के कई हिस्से से मिटटी ढह गया है । जिससे सड़क बड़े-बड़े गड्ढे में तब्दील हो गई हैं । जिसमें पानी का जमाव भी हो गया है। कीचड़, जलजमाव व गड्ढे में से परेशान हो कर ग्रामीणों कई बार श्रमदान इक्कठा कर सड़क की मरम्मत की थी । लेकिन सड़क पर ज्यादा संख्या में लोग आवागमन करते हैं जिससे सड़क की हालत सुधारती ही नहीं है । ऊपर से महामारी के चलते ग्रामीण इलाकों की लोगों को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है । ज्यादातर लोगों के घर में आर्थिक स्थिति काफी दयदिनीय हैं । आखिर गरीब, मजदूर , लाचार जनता कब तक अपने पैसो से सड़क की मरम्मती कराए? ग्रामीणों ने कई बार पंचायती मुखिया समेत अन्य छोटे बड़े जनप्रतिनिधियों से सड़क की समस्या से निजात पाने के लिए गुहार लगा चुके हैं । बावजूद सभी ने वर्षो  से भोले-भाले जनता को सिर्फ आश्वासन ही दिया है । वहीं आश्वासन के राह देखते-देखते ग्रामीणों के आंखे धुँधली हो गई हैं । लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधियों अब तक मौन धारण कर बैठे हैं । ग्रामीणों ने अपनी हालात को कोसते हुए प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी जताई है ।


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