सड़क की खस्ता हालत लोगों के लिए बनी आफत

 

ब्यूरो रिपोर्ट।उधवा/ साहिबगंज : पिछले कई दशकों से सड़क की स्थिति खराब रहने से ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों की सामना करना पड़ रहा हैं । सड़क के खस्ता हालत के चलते अब तक कई साईकिल चालक सह बाइक चालक चोटिल हो गए हैं । यह सड़क की स्थिति ऐसा है जिससे होकर बारिश के दिनों में पैदल चलकर जाना भी चुनौती का सामना करना जैसा हैं ।हम बात कर रहे हैं उधवा प्रखण्ड के पंचायत पूर्वी प्राणपुर के जितनागर गाँव की जहाँ लोग वर्षो से सड़क की समस्या , नदी कटाव की समस्या से जूझ रहे हैं। लेकिन इसबार की नदी कटाव को देखते हुए यह कह पाना मुश्किल होगा  कि यह गाँव नदी के गर्भ में विलीन नहीं होगा ।यह सम्पूर्ण गाँव कई दशकों से अपने बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं । लेकिन अबतक प्रशासन हो या अन्य जनप्रतिनिधि किसी ने भी यह गाँव की तरफ मुह फेर के देखा भी नहीं । जिसके चलते सड़क की हालत में अभी भी सुधार नहीं हो रहा है। ग्रामीण बिरबल मंडल , भीम मंडल , नोकुल मंडल , दिनेश घोष , खगेन घोष , फेकन मंडल , ऐनुल शेख  , तेतरू घोष , अभिलाष घोष , टोना रोबिदास , एनामुल सेख आदि ने बताया कि हमारे क्षेत्र की सड़क की हालत बारिश में इतनी खराब हो गई है कि सड़क में गड्ढे हो गए हैं इस रास्ते से पैदल निकलना भी मुश्किल हो रहा है। सड़क से बाइक निकालते समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है सड़क पर हमेशा कीचड़ फैली रहती है । जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गया हैं जिसमें पानी भरा हुआ है। दिन में तो गड्ढों से बचकर निकल जाते हैं लेकिन रात के अंधेरे में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सड़क की हालत के चलते अब तक कई बाइक चालक गड्ढों में गिरकर घायल हो गए हैं। साथ ही कई बार बच्चों के पैर फिसलने से वे गड्ढे में जा गिरे , जिससे कई बच्चे इस तरह से घायल हुए हैं । और ऊपर से नदी कटाव की समस्या से हमारे नींदे उड़ गई हैं , जिससे यदि हम नदी के गर्भ में विलीन होने से बच भी गए तो हमारे घरद्वार के सामाने सड़क की खरंजकरण हालत के चलते एक जगह से दूसरे जगह तक नहीं पहुंचा सकते हैं । सबके सब खाली हाथ ,अपनी जीवन बचाके भागना पड़ेगा ।  जिससे कई बार हमसब मिलकर मंत्री, विधायक , व आलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है बावजूद किसी ने भी अबतक हमारे ओर नजर उठाके देखे भी नहीं । साथ ही ग्रामीण सूत्रों से पता चलता है कि अबतक यह गाँव सरकार की हर एक सुविधाओं से वंचित हैं । आखिर वजह क्या है ? आज के दौर में सरकार गरीबों को हर सुविधा उपलब्ध हो इसके लिए लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर रहे हैं, कई प्रकार की योजनायें बनाये जाते हैं , बावजूद क्यों यह गाँव गरीबी, भुखमरी की समस्याओं से वर्षों से जूझ रहे ! जिसकी ओर अबतक किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी । लोगों ने भी अपनी समस्या को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर विधायक, संसद , मंत्री तक के दरवाजे खटखटाये हैं , मदद की गुहार लगाई है बावजूद किसी ने भी मदद की हाथ नहीं बढ़ाये हैं ।

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