बुजुर्गों को आर्थिक नहीं मानसिक व भावनात्मक जुड़ाव चाहिए डॉक्टर रंजीत कुमार सिंह


ब्यूरो रिपोर्ट।साहिबगंज :-अकेलापन व खालीपन का उपचार संवाद ही एक दवा है।कोरोना काल कोविड 19 को लेकर विशेष कार्यक्रम एनएसएस इकाई की ओर से बुजुर्गों का सम्मान सप्ताह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक दिवस पर राष्ट्रीय बेविनार राष्ट्रीय सेवा योजना साहिबगंज महाविद्यालय की ओर से आयोजित विषय बुजुर्गों का सम्मान भारतीय समाज की पहचान एनएसएस इकाई साहिबगंज महाविद्यालय व पिरामल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।जिसमें मुख्य रूप से बुजुर्गों की देखभाल,सेवा,मानसिक व शरीरिक स्वास्थ्य,आरोग्यता पर बल दी गयी।कोविड संक्रमण मे बुजुर्गों का पर्याप्त ध्यान रखना , उन्हें व्यस्त रखना और समय समय पर संवाद कर  मनोवैज्ञानिक काउन्सलिंग देना ताकि उनका बेहतर समायोजन बना रहे।वेबिनार मे मुख्य रूप से साहिबगंज कॉलेज के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार,एनएसएस समन्वयक डॉ रंजीत कुमार सिंह , पिरामड फाउंडेशन के ज़िला समन्वयक चंदन सिंह,रविंद्र कुमार,सिद्धू कान्हू मुर्मू विश्व विद्यायल दुमका से डॉ रेणु गुप्ता , डॉ धुर्व ज्योति कुमार सिंह , बीसीए के प्रकाश रंजन,बोकारो स्टील सिटी कॉलेज बोकारो के मनोविज्ञान विभाग के शिक्षक डॉ प्रभाकर कुमार रिसोर्स पर्सन के रूप में,राँची यूनिवर्सिटी से डॉ त्रिजा टोप्प्नो,एनएसएस वालंटियर साहिबगंज कॉलेज से अनामिका कुमारी,रानी कुमारी,रीना कुमारी,रोहित कुमार यादव , नमिता कुमारी,विनय टुडू , बीएसके कॉलेज बरहरवा से रोहित कुमार कुशवाहा,तनवीर आलम,उपस्थित थे।



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