18 अगस्त को झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन का एक दिवसीय हड़ताल, कमर्शियल माइनिंग के विरोध में होगा हड़ताल


चितरा - कमर्शियल माइनिंग के  विरोध में कोयला क्षेत्र में फिर से 18 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल को लेकर गुरुवार को झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन कार्यालय चितरा में एटक नेता पशुपति कोल की अध्यक्षता में संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा की बैठक  आयोजित हुई । बैठक में सभी यूनियन प्रतिनिधियों ने अपने अपने विचार रखे । झारखण्ड कोलियरी मजदूर यूनियन के नवल किशोर राय ने बताया सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जेसीएमयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता को संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा का संयोजक बनाया जाए । उन्हीं के नेतृत्व में हड़ताल की रूपरेखा तय की जाएगी। मजदूरों को किसी भी सूरत में बेरोजगार नहीं होने दिया जाएगा । अब मजदूरों के पास कोई विकल्प नहीं है करो या मरो छोड़कर । बैठक की अध्यक्षता कर रहे एटक के पशुपति कोल ने कहा कि जब सेंट्रल यूनियन ने फिर से 18 अगस्त को 1 दिन का हड़ताल आह्वान किया है तो हम सभी को एकजुट होकर फिर से हड़ताल को सफल बनाना है । यह विषय सीधे-सीधे कोलियरी के मजदूरों से जुड़ा है । कमर्शियल माइनिंग के साथ-साथ श्रम कानून के पारा 930 और 940 को हटाने का प्रस्ताव लाया गया है जोकि आश्रितों के साथ अत्याचार होगा। हम लोगों की मांग है आश्रित के परिवार को पूर्व की तरह ही अनुकंपा पर नौकरी मिले । पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता ने कहा कि अगर प्रबंधन पर और केंद्र सरकार पर दबाव नहीं बनता है तो सरकार मजदूरों के सभी प्रकार के कल्याणकारी श्रम कानून को बदल देगी और राष्ट्रीयकरण के पहले जिस प्रकार निजी कंपनियां शोषण करती थी। वही स्थिति आने वाली है। लाखों मजदूर बेकार हो जाएंगे  कॉरपोरेट घरानों की दादागिरी कोयला क्षेत्र में होगी । लाखों परिवार बेरोजगार हो जाएंगे । इसलिए पूर्व की भांति इस बार भी पूरे शक्ति के साथ हड़ताल को सफल बनाना है । हम हर मोर्चे पर आगे रहने को तैयार हैं। सभी मजदूरों को इस संकट के बारे में बताने की जरूरत है कि कमर्शियल माइनिंग चालू हो जाने से मजदूरों को क्या घाटा होने वाला है । मजदूर वर्ग को पिछले हड़ताल के बाद सब समझ में आ गया है कि हमें क्या करना है । उन्होंने कहा एसपी माइंस चितरा कोलियरी में अजीब स्थिति पैदा हो गई है। मजदूर और ऑपरेटर काफी डरे सहमे हुए हैं क्योंकि खदान की स्थिति  काफी दयनीय है । डर के साए में मजदूर खदान में काम करते हैं । उन्हें हर समय लैंडस्लाइड का डर सता रहा है। मजदूरों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा मजदूर सुरक्षित है तो खदान  है । चितरा कोलियरी को केवल राजस्व उगाही का मशीन या उद्योग नहीं बनने देंगे । खदान को सुरक्षित एवं सभी मानकों में पूर्ण करना होगा।सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 9 अगस्त से कोलियरी के हर पॉइंट पर जाकर मजदूरों को हड़ताल के बारे में बताना है। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि 10 अगस्त को फिर से एक बैठक संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा  की जाएगी एवं हड़ताल के पूर्व समीक्षा की जाएगी। बैठक में बीएमएस के द्रोण सिंह ,गोपाल कृष्ण, एटक के पशुपति कोल, आरसीएमएस इंटक के योगेश राय, एचएमएस के राजेश राय, सीटू के रामदेव सिंह ,जनता श्रमिक संघ के सुबोध महतो , टीयूसीसी के पूरन दत्ता , झारखंड मजदूर मोर्चा के आदर्श दास , बिहार जनता खान मजदूर संघ के बलदेव महतो,  संथाल परगना कोलियरी कर्मचारी संघ के गोविंद कुमार , जेसीएमयू के कृष्णा प्रसाद सिंह , माणिक यादव आदि उपस्थित थे।

No comments