आईपीएल13वें सीजन का हिस्सा नहीं होगा वीवो, बीसीसीआई और आईपीएल को होगा भारी नुकसान।







आईपीएल13वें सीजन का हिस्सा नहीं होगा वीवो, बीसीसीआई और आईपीएल को होगा भारी नुकसान।

देवघर ब्यूरो रिपोर्ट- लद्दाख के गलवान घाटी में भारत और चीनी सेना के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद देशभर में चीन का विरोध शुरू होगया। भारत सरकार ने कई चीनी एप्प को भारत में प्रतिबंधित कर दिया। इसके साथ ही भारतीयों ने चीनी वस्तुओं का बहिष्कार भी शुरू कर दिया।जिसका पूरा प्रभाव चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। चीन के बहिष्कार के बीच ही आईपीएल की स्पांसरशिप की बात आगई। रविवार को आईपीएल के गवर्निंग काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि वीवो आईपीएल टूर्नामेंट का हिस्सा बनी रहेगी। जिसके बाद आरएसएस और स्वदेशी जागरण मंच ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया इतना ही नहीं इस फैसले से नाराज संगठनों और देश की जनता ने आईपीएल के बहिष्कार की ही धमकी दे डाली। भारत और चीन के बीच विवाद को देखते हुए वीवो  खुद ही आईपीएल के 13वें सीजन से पीछे हट गई। बता दें कि  वीवो  ने आईपीएल के साथ 2017  में टाइटल स्पांसरशिप के लिए 2199 करोड़ की डील की थी और इसके लिए हर साल 440 करोड़ रुपये का एक भुगतान कर रही है। इस पैसे को बीसीसीआई और आईपीएल में आधी -आधी बांट दी जाती है। आइपीएल को मिलने वाले पैसे सभी फ्रेंचाइजी में बराबर बांटे जाते है। वीवो के स्पांसरशिप से हटने के बाद केवल बीसीसीआई को ही नहीं फ्रेंचाइजी को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। क्योंकि आईपीएल का 13वां सीजन 19 सिंतबर से यूएई में खेला जाना है और इतने कम समय में नए टाइटल स्पांसरशिप का मिलना बहुत मुश्किल है। हालांकि ऐसी खबरें आरही की जिओ आईपीएल के 13वें सीजन का हिस्सा बन सकती है लेकिन अभी कुछ भी बताना मुश्किल सा है।कोरोना वायरस की वजह से यूएई में होरहे आईपीएल का 13वां सीजन मुख्य रूप से टीवी पर ही दिखाया जाएगा।हालांकि यूएई क्रिकेट बोर्ड की रिक्वेस्ट के बाद यूएई सरकार ने आईपीएल शुरू होने के बाद अगले हफ्ते से एक सीमित संख्या में दर्शकों को देखने की इजाजत देदी है लेकिन इसके बावजूद भी नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है। एक अनुमान के मुताबिक आईपीएल के सभी फ्रेंचाइजी को 50 करोड़ का नुकसान हो सकता है। वैसे अब देखते है कि आईपीएल के 13वें सीजन का टाइटल स्पांसरशिप किसके हाथों में होता है।

No comments