10 दिवसीय फाईलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का होरहा संचालन, घर-घर जाकर खिलाई गयी एल्बेंडाजोल व डीईसी की दवा




फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर लोगों को दी गई दवाई..

देवघर ब्यूरो रिपोर्ट- उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  कमलेश्वर प्रसाद सिंह के निर्देशानुसार राष्ट्रीय भेक्टर जनित रोग नियंत्रण के तहत 10 दिवसीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का संचालन देवघर जिले में सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इसी क्रम में आज स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घर-घर जाकर लोगों को डीईसी व अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई है। ज्ञातव्य हो कि 10 से 20 अगस्त 2020 तक फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के अंतर्गत सर्वजन दवा सेवन(MDA) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वहीं कोविड-19 के मद्देनजर सरकार के निर्देशानुसार माइक्रोकंटेन्मेंट जोन में दवा का सेवन नहीं कराया जा रहा है। दवा प्रशासक टीम द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए लोगों को दवा प्रत्यक्ष रूप से खिलाई जा रही है। आपको बता दें कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत गर्भवती माता, 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति के साथ-साथ वर्तमान में कोरोनावायरस से संक्रमित व्यक्ति को छोड़कर जिले के सभी लोगों को दवाई खिलायी जा रही है। वहीं सिविल सर्जन सह जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार, जिला आरसीएच पदाधिकारी-डाॅ० मंजूला मुर्मू, प्रभारी जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी- डाॅ० रवि रंजन, प्रभारी जिला यक्ष्मा पदाधिकारी- डाॅ० विधू विवोध , जिला भीबीडी सलाहकार- डाॅ०गणेश कुमार, डीपीएम - श्री नीरज भगत, डीपीसी - श्री प्रवीण कुमार सिंह, डी.यू.एच.एम- श्री सुनील मणी त्रिपाठी, डब्लूएचओ के NTD समन्यवक डाॅ० नित्यानंद ठाकुर एवं पीसीआई स्वयं सेवी संस्था के समन्यवकों द्वारा पूरे जिले के सभी सीएचसी का मोनिटरिंग किया जा रहा है। आज तक कुल 1,41,863 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की गोली खिलायी गयी तथा कुल लक्षित जनसंख्या को दवा खिलाते हुए 64.59% लक्ष्य हासिल किया गया। जिसमें से आजतक 330 लोगों में इसके प्रतिकुल प्रभाव देखें गये। जिसका आमूल उपचार सभी जगहों पर गठित रेपीड रिस्पोंस दल (RRT) द्वारा कर दिया गया। 

सीएचसी जसीडीह में 71.45%, मोहनपुर में 69.62%, सारवां में 63%, सारठ में 71.50%, पलाजोरी में 65.93%, माधुपुर शहरी में 59.96%, माधुपुर ग्रामीण में 57.94%, करौं में 66.72, देवीपुर में 70.51% और देवघर शहरी क्षेत्र में 40.17% हासिल करते हुए कुल मिलाकर 64.59% लोगों को दवा खिलाई गई है।

घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी, सेविका एवं सहिया के द्वारा अपने-अपने पोषित क्षेत्र के लोगों को उनकी उम्र के अनुसार डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की दवाई स्वयं की उपस्थिति में खिलाई जा रही है तथा यह दवा फाइलेरिया के कृमि/रोगाणु को मारकर लोगों को इस बीमारी से निजात दिलाने में काफी सहायक है एवं देवघर जिले को फाइलेरिया मुक्त करने के लिए अपने उम्र के अनुसार कार्यक्रम के तहत शामिल होकर आवश्यक रूप से दवा का सेवन करें। यह कृमि/रोगाणु गंदे पानी में पनपने वाली संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। जो किसी भी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 15 से 20 वर्षों तक छुपा हुआ रह सकता है एवं एक मात्र इसी दवा के प्रयोग से इस कृमि को समाप्त किया जा सकता है।

जिला भीबीडी कार्यालय, देवघर एक बार पुनः आपसभी व्यक्तियों से यह अनुरोध करती है कि अपने एवं अपने परिवार के साथ अपने पूरे सामाज को हाथी पांव या हाइड्रोसील जैसी बीमारी से बचाने तथा अपने परिवार एवं जिले को फाइलेरिया रोग से मुक्त करने में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान करें।

*आपका सहयोग, प्रयास हमारा।*

*फाइलेरिया मुक्त हो देवघर हमारा।।*

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