काँग्रेस कार्यकर्ता नजरुल इस्लाम की जेल में मौत मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग।




काँग्रेस कार्यकर्ता की मौत मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग।


साहिबगंज:-बरहरवा प्रखंड के विजयपुर गांव के वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ता नजरुल इस्लाम की गुरुवार को सुबह दुमका कारागार में हुई मौत मामले में कांग्रेस ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की  है।गौरतलब हो कि कांग्रेसी कार्यकर्ता किसी मामले में राजमहल जेल में थे जहां से बुधवार को उन्हें दुमका कारागार में शिफ्ट किया गया, जहां हार्टअटैक से उनकी मौत का मामला सामने आ रहा है। नजरुल इस्लाम के निधन पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने गहरा दुख प्रकट किया है।साथ ही यह आशंका जताया है की एक सोची समझी साजिश के तहत दुमका कारागार में कांग्रेसी कार्यकर्ता नजरुल की हत्या कर उसे  हार्टअटैक दिखाने का प्रयास किया गया है।कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है।झारखंड सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के प्रतिनिधि बरकत खान ने बताया कि कांग्रेसी कार्यकर्ता नजरुल इस्लाम से पाकुड़ विधानसभा के पूर्व विधायक अकील अख्तर का एक फील्ड विवाद में न्यायालय में मामला चल रहा था जिसमें कांग्रेसी कार्यकर्ता को बेवजह फंसाया गया था, इसी मामले में वे जेल में थे।जहाँ से उन्हें दुमका जेल में शिफ्ट किया गया जिसके बाद उनकी मौत की खबर आई है।उन्होंने इस घटना को एक सोची समझी साजिश बताते हुए कहा की पूर्व में भी यह शिकायत आई थी कि राजमहल जेल के जेलर द्वारा नजरुल के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा था उसे अच्छी तरह से खाना पीना नही दिया जा रहा था।साथ ही कहा कि इस कोरोना काल मे किस वजह से उन्हें राजमहल जेल से दुमका शिफ्ट किया गया।इस घटना में राजमहल जेलर की भी भूमिका को संदिग्ध बताते हुए घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की गई है।साथ ही मृतक के परिजनों को मुआवजा के रूप में 5 लाख देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग भी की है।जिसकी जानकारी कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष सह मीडिया प्रभारी नबीद अंजुम ने बयान जारी कर दी है।


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