मलेरिया, डेंगू, एवं चिकनगुनिया से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण, आस-पास सफाई रखने के दिए निर्देश



मलेरिया, डेंगू, एवं चिकनगुनिया से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण

 हर हफ़्ते घर मे जमे पानी को बदल कर मच्छरों को पनपने से रोका जा सकता है।

अपने आस पास गंदा पानी जमने न दें, कूड़ा कचड़ा साफ़ करते रहें, मच्छरों के जन्म लेने वाले स्थानों को नष्ट करते रहें।


साहिबगंज:-- सिविल सर्जन  कार्यालय स्थित सभागार में  मंगलवार को मलेरिया, डेंगू, एवं चिकनगुनिया से संबंधित एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजीत की गई। प्रशिक्षण में मच्छरों द्वारा होने वाले बीमारियों के बारे में विस्तार से बताया गया। जिसमें मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, फाइलेरिया,जापानी एन्सेफलाइटिस, कालाज़र आदि बीमारियों के फैलने के कारण तथा बचाव के बारे में बताया गया।प्रशिक्षण में सभी बीमारियों के लिए संबंधित मच्छरों की प्रजाति प्रकार तथा पहचान से अवगत कराया गया जिसमें बताया गया कि एनफलिश मच्छर द्वारा काटने पर डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि घातक बीमारी होती है तथा यह साफ़ पानी मे पनपते हैं जो रात के समय काटते है।क्यूलेक्स मच्छर के बारे में बताया गया कि यह दिन में काटते हैं जो गंदे पानी यथा नाली के पानी या सड़े हुए पानी मे पनपते हैं।
वहीं एडीज मच्छर भी दिन में काटते है तथा साफ जमे हुए पानी मे ही पनपते हैं जैसे गमले, कूलर, फ्रिज के साफ जमे हुए पानी मे जन्म लेते हैं तथा घरों की दीवार पर रहते हैं।प्रशिक्षण में बताया गया कि यह सभी मच्छर घातक बीमारी फ़ैलाते हैं, तथा बरसात के मौसम में पानी जमने से अक्सर यह मच्छर जन्म लेकर बीमारियां फ़ैलाते हैं। इसलिए अपने अपने घरों तथा आस पास पानी जमने नहीं देने पर आम जन घातक बीमारियों के प्रसार को रोक सकते हैं साथ ही साथ घर एवं आस पास अपने स्तर से ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव तथा कचडे को साफ़ करने से भी मच्छरों के जन्म को रोका जा सकता है।वहीं प्रशिक्षण में डॉ सती बाबू ने बताया कि बीमारियों से बचाव के लिए हमें मच्छरों के प्यूपा तथा लारवा को विकसित नहीं होने देना चाहिए एवं अपने घरों एवं आस पास वैसे जगह चिन्हित कर लें जहां मच्छर अपने अंडे दे सकते हैं एवं उन जगहों पर पानी के जमाव को रोकें एवं टेमोफेज़ केमिकल से छिड़काव करें।
उन्होंने बताया कि इस केमिकल को 10 लीटर पानी मे 5 एमएल मिला कर प्रयोग कर सकते हैं तथा यह पीने के पानी को छोड़कर अन्य पानी मे इसका प्रयोग कर सकते हैं।तथा अपने घरों में जमे पानी को हर हफ़्ते बदलें तथा साफ़ सफाई का विशेष ध्यान रखें।


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