अभाविप ने मनाई चंद्रशेखर आज़ाद की124वीं जयंती, दीप प्रज्वलित कर दी गई श्रद्धांजलि




चन्द्रशेखर आज़ाद की 124 वी जयंती पर अभाविप ने किया दिप प्रज्वलित


साहिबगंज:-- आज़ादी की लड़ाई में अंग्रेजों की की छठी की दूध याद दिलाने वाले महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आजाद जी की 124वी जयंती पर  पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् साहेबगंज द्वारा आजाद नगर स्थित शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के पास दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
मौके पर विभाग संयोजक श्रवण कुमार रमन ने कहा कि देश की आज़ादी की बात जब जब सुनाई देगी सबसे पहला नाम चंद्रशेखर आज़ाद  की  ही आएगी ,चंद्रशेखर आजाद की मातृभूमि के प्यार को कभी नही भुलाया जा सकता उन्हें जब अंग्रेजों द्वारा उनका नाम पिता का नाम पता पूछा तो उन्होंने अपना नाम आज़ाद पिता का नाम स्वतंत्रता और पता जेल बताया था जिसके लिए उन्हें 15 कोड़े भी खाने पड़े थे। आज़ाद हमेशा आज़ाद रहना चाहते थे और उन्होने अंग्रेजों से लड़ते लड़ते अपने बन्दूक की अंतिम गोली से अपने आप को भारत माता के चरणों मे न्योछावर  कर दिया था ।साथ ही
 जिला संगठन मंत्री अभिषेक शर्मा ने कहा कि 
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महानायक कहे जाने वाले शहीद चंद्रशेखर आजाद की आज जयंती मनाई गई  है। महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद जी का नाम बहादुरी, राष्ट्रभक्ति और बलिदान का पर्याय है। उनके हृदय में देश व मातृभूमि के लिए इतना प्रेम था कि उन्होंने बहुत छोटी उम्र से ही अंग्रेज़ों के विरुद्ध लोहा लेना शुरू किया और फिर अपना सम्पूर्ण जीवन देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया।
अंग्रेज कभी मुझे जिंदा नहीं पकड़ सकेंगे यह कहना था शहीद चंद्रशेखर आजाद का। वो आजाद जिसने अंग्रेजों के दिलों में खौफ का वो बीज बो दिया था जिससे वह कभी नहीं निकल सके थे ।  मौके पर मिथलेश रामानी,राहुल राय,संदीप तुरी,मनीष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।


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