महीनों से खराब पड़े जलमीनार भीषण गर्मी में गहराया जल संकट


उधवा/साहेबगंज:गर्मी के दस्तक देते ही इन दिनों जल संकट गहराने लग गया है।जून के इस प्रचंड भीषण गर्मी में जहां लोग परेशान है तो वही दूसरी ओर भीषण गर्मी में पानी की समस्या से एक एक बूंद के लिए लोग तड़प रहे है।कहीं न कहीं चापाकल एवं जल मीनार खराब पड़े दिख रहे है।लेकिन खराब पड़े जलमीनार पर सुध लेने वाला कोई शख्स नही दिखाई दे रहा है।वही जलमीनार खराब रहने से लोगों को पानी के लिए दूसरे जगह जाना पड़ता है।बताते चले कि सरकार के द्वारा आमजनता को स्वच्छ तथा आयरन मुक्त जल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक गांव गांव एवं सार्वजनिक स्थानों में सौर ऊर्जा से संचालित जलमीनार का निर्माण किया गया है। लेकिन जलमीनार से पानी नही मिलने पर लोगों में काफी निराशा देखने को मिल रही है।जानकारी के अनुसार उत्क्रमित उच्च विद्यालय बेगमगंज में प्राक्लित राशि तीन लाख चौरासी हजार छः सौ एकानब्वे रूपए की लागत से निर्मित सौर ऊर्जा से संचालित जलमीनार का निर्माण एक वर्ष पूर्व किया गया था।जिसकी योजना संख्या 14/19-20 है।उक्त जलमीनार पिछले कुछ महीनों से खराब हो चुकी है। पानी की सप्लाई पाईप टुटी हुई है, जिससे पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जिसके कारण आसपास के ग्रामीणों को पीने का स्वच्छ पानी की किल्लत हो गई है। एक वर्ष के अंदर ही जलमीनार में खराबी आना विद्यालय प्रबंधन की कुव्यवस्था का परिणाम ही कहा जाएगा।राहत की बात ये है कि उक्त उच्च विद्यालय में लाकडाउन के कारण फिलहाल बंद है,और छात्र एवं छात्राओं को विद्यालय में आना जाना भी बंद है।इस संबंध में विद्यालय के सचिव मुकेश कुमार का कहना है कि सीघ्र ही जलमीनार का पाइप आदि दुरुस्त कर लिया जाएगा।वही चाँद शहर गांव में भी बीते तीन महीनों से जलमीनार खराब रहने से लोगों पेयजल की काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।कुछ दिन पूर्व एक स्थानीय अखबार में जलमीनार की समस्या को प्रमुखता से छापी गयी थी।लेकिन अभी तक कोई जनप्रतिनिधि व प्रशासन इस पर पहल नही किया है।तीन महीनों से जलमीनार को ठीक नही किये जाने से लोगों को पानी की बून्द बून्द के लिए इधर उधर भटकना पड़ता है।जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश दिखाई दे रहे है।

साहिबगंज से देव आर्यन रिपोर्ट।

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