झारखंड सरकार की गलत नजरिया के कारण उर्दू जैसी मीठी जुबान की मिठास हो रही है खत्म


 *बिहार की तर्ज पर झारखंड में भी उर्दू जुबान की तरक्की को आगे बढ़ाएं  और झारखंड में उर्दू एकेडमी और तमाम बंद पड़े उर्दू अदारे को चालू किया जाए! जियाउल हक( उर्फ टार्जन)*
     मधुपुर 11 जून झारखंड सरकार की गलत पॉलिसी के कारण झारखंड में उर्दू जैसी मीठी जुबान की मिठास खत्म होती जा रही है जब के देश की आजादी दिलाने में उर्दू जुबान की अहम किरदार रहा है! यह बातें मधुपुर नगर पार्षद के उपाध्यक्ष झारखंड मुक्ति मोर्चा  के कद्दावर नेता   जियाउल हक (उर्फ टार्जन) ने प्रेस बयान जारी कर पत्रकारों को बताया उन्होंने उर्दू जुबान के साथ हो रही नाइंसाफी पर अपना दुख का इजहार करते हुए कहा के उर्दू जुबान की तरक्की के लिए बिहार सरकार ने उर्दू को दूसरी सरकारी जुबान का दर्जा देकर बड़ा काम किया ताकि उर्दू दाखवा तरक्की की राह मिल सके मगर जब से बिहार से झारखंड अलग होकर नया प्रदेश बना है इस प्रदेश में उर्दू जुबान के साथ लगातार नाइंसाफी होती जा रही है! झारखंड अलग प्रदेश बनने के बाद लोगों को एक बड़ी उम्मीद जागी थी के अब झारखंड प्रदेश की नौजवानों, किसानों उर्दू  की तरक्की होगी ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला ये अफसोस की बात है
श्री हक ने  कहा झारखंड मिलने के बाद सबसे ज्यादा नाइंसाफी और नुकसान हुआ है तो वह अल्पसंख्यकों और उर्दू जुबान के साथ यहां प्राइमरी स्कूल के बाद मिडिल और हाई स्कूल मैं उर्दू की  शिक्षा खत्म हो गई बच्चे प्राइमरी स्कूल से जब मिडिल स्कूल पहुंचते हैं तो वहां उर्दू की एक भी शिक्षक नहीं मिलने के कारण वह उर्दू पढ़ने से मजबूर हो जाते हैं और आखिरकार उर्दू पढ़ना छोड़ देता है यह सरकार की गलत पॉलिसी के कारण ऐसा हो रहा है या सरकार की बड़ी साजिश साजिश उर्दू जुबान को मिटाने पर हो रही है श्री हक ने कहा के झारखंड की मौजूदा सरकार इस पर ध्यान दें क्योंकि अल्पसंख्यक समुदाय और खासकर उर्दू द ने बड़ी मेहनत के साथ झारखंड में दोबारा बागडोर आपके हाथों में बड़ी उम्मीद के साथ चौकी क्योंकि पिछले भाजपा सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ थे जिसे आपको पूरा करना है इसलिए मैं झारखंड के नौजवान कद्दावर मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी और झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी हुसैन अंसारी का ध्यान अल्पसंख्यकों के और उनकी परेशानी पर दिलाते हुए कहना चाहता हूं कि जिस तरह अल्पसंख्यक ने आपको भरपूर मदद किया अपना टाउन देकर झारखंड से भाजपा को गति से हटाकर झारखंड मुक्ति मोर्चा और आपकी सहयोगी कांग्रेस आरजेडी को सौंपा है जज्बात का ख्याल रखते हुए झारखंड में भी बिहार की तर्ज पर उर्दू की तरक्की को आगे बढ़ाते हुए झारखंड में भी उर्दू अकैडमी बनाया जाए ताकि पुरे झारखंड में सभी स्कूल में उर्दू शिक्षक के खाली स्थानों को भरा जाए और सभी तमाम बंद पड़े उर्दु अदारे खोला जाए!

उदयपुर से मोहम्मद असलम की रिपोर्ट।

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