झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ देवघर जिला कमेटी की बैठक की गई


देवघर ब्यूरो रिपोर्ट। झारखण्ड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ, देवघर जिला कमिटी की बैठक स्थानीय नंदन पहाड़ पर श्री सत्यम  कुमार सिंह जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में हुई. इस बैठक में सोशल डिसस्टेन्स का पालन करते हुए अनुबंध कर्मियों ने मास्क के साथ बैठक में भाग लिया. वैश्विक महामारी में माननीय मुख्य मंत्री झारखण्ड  द्वारा मजदूर हित में किये जा रहे विभिन्न फैसलों का स्वागत किया तथा उनको बदनाम करने में सक्रिय भ्र्ष्ट बिचौलिया और स्वार्थी शकुनि समान अफसरों /नौकरशाहों से सावधान रहने की अपील की. यह एक गैंग के रूप में काम कर सरकार जनता और मेहनत कश  अनुबंध कर्मियों के बीच  दूरी  बनाने में सक्रिय हो गया है. बैठक में पारित प्रस्ताव :-
1. राज्य मनरेगा अधिनियम के विरुद्ध मांग आधारित योजना को लक्ष्य आधारित बनाने के लिए ग्रामीण विकास बिभाग के प्रति नारजगी  व्यक्ति किया गया. बाजार दर  से मजदूरी 350-194=156रु कम होने के बाद भी जबरन 250-300 लैबर का दैनिक टारगेट देना बिल्कुल ही गलत है.
2.मनरेगा कर्मियों को प्राथमिकता और उम्र सीमा में छूट दिए बिना भर्ती के लिए निकाले जा रहे प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी एवं अन्य की बहाली  पर तत्काल रोक लगाई जाये.
3.झारखण्ड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ के केंद्रीय संयुक्त सचिव श्री सुशील कुमार पाण्डेय पर पाकुड़ में झूठा और बबुनियाद  आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज़ करने की संघ निंदा करती है यह अनुबंध कर्मियों की हित में आवाज को दबाने के का प्रयास है. जबकि जिन योजनाओं में इन आरोप लगे उसमे न  तो कोईअवैध  निकासी है, न कोई फर्जी वडा. बल्कि विलम्बित भुकतान की जो वित्तीय शक्ति सम्पन्न पदाधिकारियों से सम्भव है. श्री पाण्डेय कभी वित्तीय प्रभार में नहीं रहे और योजना उनके पाकुड़ पदस्थापन के 10 महीने पूर्व ही स्वीकृत, क्रियान्वित और mis किया जा चूका था.विगत 10 वर्ष के दौरान  कई  पदाधिकारी और सहायक का प्रभार हुआ परन्तु बिल्कुल निर्दोष को फसा का दोषी स्थायी कर्मियों  को बचाने का प्रयास किया है . संघ इस प्रकरण की  न्यायिक जाँच की मांग करता  है.
4. संघ सरकार को स्मरण कराता  है कि श्री विक्रांत ज्योति और सुशील कुमार पाण्डेय की  अगुवाई में बने झारखण्ड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ के साथ तय समझौते के अनुसार 40 से अधिक अनुबंध कर्मियों के हित्तार्थ कोई भी फैसले मुख्य मंत्री की अध्यक्षता और महासंघ के उपर्युक्त दोनों अगुवा नेताओ की मौजूदगी में अनुबंध कर्मियों को स्थायीकरण, समान काम समान वेतन सहित अन्य मुद्दों पर कार्यवाही की बात थी, मगर विभाग विशेष के लिए किये जा रहे फैसले पर पुनर्विचार हो तथा महासंघ के अन्य विंग के लिए भी सरकार को विचार करना चाहिए. यद्यपि संघ सरकार के एक विंग के लिए लिए गए स्थायीकरण और वेतन मान दिए जाने के फैसले का स्वागत करती है और इसके लिए मुख्य मंत्री हेमंत सोरेन जी विक्रांत ज्योति और सुशील पाण्डेय के प्रति आभार व्यक्त करती है.  और मांग करती है कि  भविष्य में अनुबंध कर्मियों के हितार्थ होने वाले किसी भी फैसले में महासंघ की  मौजूदगी अनिवार्य हो.
5.झारखण्ड के कुछ भ्र्ष्ट अफसर और नौकर शाह बिचौलियों और स्थायी कर्मियों ने सस्ती लोक प्रियता, अपने भरष्ट्राचार को छुपाने और अनुबंध कर्मियों से मुद्रा विमोचन के लिए जो लगातार फर्जी मुकदमे, बर्खास्तगी और नौकरी छीनने का जो काम लिया जा रहा है यह अति निंदनीय है.
6.ग्रामीण विकास विभाग में विगत 5 वर्षो से जमे मनरेगा योजना को रसातल में ले जाने मनरेगा आयुक्त का अबिलम्ब तबादला हो. ये तो मजदूर, न मनरेगा कर्मी और न मनरेगा लाभुकों के हित में काम कर रहे हैं. यदि किसी का हित कर रहे हैं तो सिर्फ मनरेगा कर्मियों के कमाये  कंटीजेंसी को दीमक की तरह चाटने वाले jslps  ngo  का. इस लिये  मनरेगा हित में इनका स्थानांतरण जरूरी है.
7.इन गंभीर मुद्दों पर विशेष चर्चा राज्य कमिटी की बैठक में होगी तथा सरकार के रवैये में सुधार  नहीं हुआ तो इस माह के तीसरे सप्ताह तक अनिश्चित कालीन हड़ताल के लिए हम सभी बाध्य होंगे जिसकी सारी  जबाब देही सरकार की होगी.संघ कदापि नहीं चाहता  हैं कि  कोविड- 19 संक्रमण काल  में कोई इस तरह के फैसले  न हो जिससे मजदूरों के हितों की  अनदेखी हो.
बैठक में का संचालन डा  अजय कुमार सिंह  ने किया.मोके पर जिलासचिव डॉ राजेश कुमार,श्री सुशील कुमार पांडेय,जितेंद्र झा,चिंतामणि,विवेक कुमार,मुकेश चौधरी, रामदेव दास, रविकांत मिश्रा, चन्द्रशेखर ठाकुर,दिवाकर राम,अमितेश राव,सहित सभी प्रखंडों के मनरेगाकर्मी उपस्थित थे।

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