प्रवासी श्रमिकों को उनकी योग्यता के अनुसार जिले में मुहैया कराया जा रहा है रोजगार उपायुक्त

देवघर ब्यूरो रिपोर्ट।
उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी  नैन्सी सहाय द्वारा जानकारी दी गई कि बाहर से आने वाले श्रमिकों को जिले में ही रोजगार मुहैया कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है। इसके तहत मनरेगा योजना के अलावा अन्य योजनाओं से जोड़ते हुए श्रमिक बंधुओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार मुहैया कराया जा रहा है।
इसी कड़ी में अब 150 प्रवासी श्रमिकों को हॉस्पिटल, होस्टल, प्रशासनिक भवन, क्लास रूम के साथ एम्स के चल रहे विभिन्न निर्माण कार्य में लगाया गया है। इससे निर्माण कार्य में तेजी के साथ एम्स के ओपीडी को भी जुलाई 2020 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
साथ ही 120 श्रमिकों को एयरपोर्ट में टर्मिनल, एटीसी व चारदीवारी के निर्माण कार्य से जोड़ा गया है। एक बार फिर से कार्य शुरू होने के पश्चात अब एयरपोर्ट के निर्माण कार्य को 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इसके अलावे लाॅकडाउन के बाद देवघर जिला अंतर्गत बड़े-छोटे कई कल कारखाने खोले जा रहे है। ऐसे में बाहर के श्रमिकों की जगह देवघर जिले के श्रमिकों प्राथमिकता के आधार पर कार्य देकर उन्हें बेहतर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। साथ ही मनरेगा के तहत अधिक संख्या में जॉब कार्ड बनाकर प्रवासी श्रमिकों को जिले के अंदर ही रोजगार देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कोई भी श्रमिक का परिवार भूखा न रहे एवं उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना न पड़े। जिला प्रशासन लगातार प्रयासरत है कि मनरेगा योजना के अलावा भी प्रशिक्षित श्रमिकों को जल्द से जल्द अन्य रोजगार के माध्यम से जोड़ा जा सके।

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