सरकार माफ कराएं निजी स्कूलों की 3 माह की फीस बीजेपी देवघर विधायक नारायण दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र


देवघर ब्यूरो रिपोर्ट। देवघर कोरोना संकट के चलते आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे देवघर के अभिभावकों को राहत देने की मांग
 बीजेपी  विधायक ने  उठाई है। देवघर जिले की देवघर सीट से बीजेपी के विधायक नारायण दास ने 
 सीएम हेमंत सोरेन  को पत्र लिखा है। अपने पत्र में विधायक नारायण दास ने दावा किया है कि विगत 24 मार्च से लॉकडाउन के बाद से देवघर के सभी स्कूलों में पढ़ाई बंद है, इसके बाद भी निजी स्कूल, तीन माह की फीस मांग रहे हैं। विधायक ने इसे गलत ठहराते हुए निजी स्कूलों द्वारा मांगी जा रही अप्रैल, मई और जून माह की फीस माफ कराने की मांग राज्य सरकार से की है। उन्होंने हेमंत सोरेन  सीएम  को पत्र में लिखा है कि इस संबंध में सरकार जल्द फैसला लेते हुए मानवीय आधार पर अभिभावकों को राहत प्रदान की जाए। विधायक ने अपने पत्र में निजी स्कूलो की नर्सरी से लेकर बारहवीं तक की तीन माह की स्कूल फीस माफ कराने के संबंध में तत्काल कदम उठाने की मांग की गई है। 
*विधायक का आरोप, दबाव बना रहे निजी स्कूल*
विधायक ने अपने खत में दावा किया है कि देवघर में अभिभावकों की आर्थिक स्थिति लॉकडाउन के कारण ठीक नहीं है, लेकिन निजी स्कूल मैसेज और फोन करके फीस जमा करने का दबाव डाल रहे हैं। विधायक ने अपने पत्र में ये भी दावा किया है कि पहले लॉकडाउन और उसी दौरान प्रदेश सरकार द्वारा सभी स्कूलो में 1 मई से 15 जून तक का ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। इस दायरे में सभी निजी और सरकारी स्कूल आते हैं लिहाजा निजी स्कूलों द्वारा शैक्षणिक गतिविधियां न संचालित होने पर फीस की मांग भी नहीं की जा सकती है।
*निजी स्कूल को पहले ही समाजसेवी कन्हैया झा दिया है अल्टीमेटम हर हाल मे करना पड़ेगा फीस मांफ*
समाजसेवी सह वार्ड पार्षद कन्हैया इसको लेकर पहले ही अल्टीमेटम दे दिया है कन्हैया कहते है अभिभावक काफी परेशान हैं कि काम-धाम बंद है और तीन माह की फीस कैसे दे
कन्हैया झा  ने
मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन को पत्र  लिखा है और मांग की है कि सरकार आदेश जारी करे कि स्कूल संचालक तीन माह की बच्चों की फीस माफ करें। झा का कहना है कि इससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकेगी। उन्होंने पत्र में लिखा कि जिनकी सरकारी नौकरी नहीं है, चाहे वह मध्यम वर्ग का हो या निम्न वर्ग का, सभी मुश्किल से अपने परिवार का इन दिनों भरण पोषण कर पा रहे हैं। ऐसे में अगर सरकार आदेश जारी करती है और बच्चों की तीन माह की फीस नहीं लगती है तो आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।

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