लॉक डाउन में फंसी महिला को 22 दिनों के बाद एस .डी .ओ के पहल पर गुरुवार को उसके मायके भेजा गया


मधुपुर अनुमणडल के सारठ प्रखंड के( सिकटियां डेम )कुकराहा के रहने वाली महिला उसके दो बच्चे को लेकर बीते कुछ दिनों पहले अपने मायके से ससुराल पैदल ही बाराबंकी जाने के क्रम में मधुपुर अनुमंडल के पास रुक गई थी जिसे अनुमंडल पदाधिकारी मधुपुर की नजर इन दो बच्चों के साथ इस महिला पर पड़ी महिला के दुखड़ा सुनने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी ने उन्हें फिर मायके भेज कर उनके और उनके बच्चों के लिए साथ में गरीब मां-बाप के लिए पूरे लॉक डॉन तक अनाज का व्यवस्था कराया गया!आपको बता दें कि यह महिला आंखों से दृष्टिहीन है और उसके साथ में  छोटे-छोटे दो बच्चे थे जब लॉक डॉन के कारण उसे मधुपुर में रोक लिया गया और लॉक डॉन  तक प्रशासन द्वारा उसे खाने पीने  का व्यवस्था  कराया गया ताके लॉक डॉन तक वह  अपने बच्चों के साथ रह सके वह ना भूखे  रहे और ना  बच्चे को  भूखे रखें  ना बच्चों को भूखे सोने दे इसको लेकर प्रशासन पूरी तरह से निगरानी करते रहे जब तक वह अपने घर वापस ना चले जाए !उसके बाद वापस मायके  लोग जाने की  बात कही  तो वह बताया की वाह मैके नहीं जाएगी क्योंकि मेरे मां-बाप बहुत ही गरीब है और मैं अब इन लोग के पास नहीं रहना चाहती हूं यह देखते हुए मधुपुर अनुमंडल पदाधिकारी योगेंद्र प्रसाद की पहल पर आज सारठ प्रखंड विकास पदाधिकारी श्री साकेत कुमार को बुलाकर इस संदर्भ में बातचीत कर पूर्ण उसे उसके मायके एक माह का राशन देकर भेजा गया साथ ही यह भी  एसडीओ द्वारा कहा गया जरूरत पड़ने पर हर संभव सहायता की जाएगी और जैसे ही कोई यातायात की सुविधा होगी तो इससे इसके ससुराल बाराबंकी भेजा जाएगा मधुपुर अनुमंडल पदाधिकारी की यह इंसानियत काबिले तारीफ देखने को मिली। अनुमंडल पदाधिकारी ने बताया के आप इत्मीनान से अपने  मायके में रहे  जब तक  यातायात पूरी तरह से चालू ना हो जाए!

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