आदर्श गांव के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित, नहीं मिल रहा सरकारी योजनाओं का लाभ



आदर्श ग्राम के लोग मूलभूत समस्यों से है वंचित,सुविधाओं का नही मिल रहा लाभ

उधवा/साहिबगंज: सरकार बदलते गए,विधायक बदलते गए लेकिन गरीबों की समस्या अबतक नहीं बदली।कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लॉकडाउन है।वहीं लॉकडाउन में कामकाज ठप हो जाने से कमजोर वर्ग के लोगों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ गयी है। किसी को भोजन की कमी है तो किसी को रहने के लिए आवास की कमी। न जाने कितने लोग अभी भी सरकारी योजना के लाभ से पूरी तरह वंचित है। वही जनप्रतिनिधियों की उदासीनता तो कहीं सरकार एवं प्रशासन की विकास की धीमी गति के कारण से कई गांवों के लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। ऐसे ही एक मामला आदर्श ग्राम का  सामने आया है। उधवा प्रखंड मुख्यालय से लगभग 10 किमी दक्षिण- पश्चिम में स्थित पंचायत आतापुर के केशववाटी वार्ड संख्या 08 के लोग अब भी बुनियादी सुविधाओं से कोसों दूर है। इस गांव की आबादी लगभग चार पांच सौ के आसपास है। कहने को तो यह एक आदर्श ग्राम है और सरकार ने इस पूरे गांव को गोद ले रखा है । यहां न तो अच्छी स्कूल है न ही स्वास्थ सेवा है।एक प्राथमिक विद्यालय भी एक- दो शिक्षक के सहारे ही चल रहा हैं। यह गांव आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। इस गांव मेंं पेयजल की समस्या काफी दिनों से है। ग्रामीणों  का कहना है कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर नहीं मिला है और न ही आज तक सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ मिला है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव में स्वच्छ पानी की भी किल्लत है। दो-चार चापाकल  है जो बहुत पहले से ही खराब पड़े है। एक चापाकल ठीक तो है लेकिन पानी में आयरन की मात्रा अत्यधिक होने से पानी पीने योग्य भी नहीं है। कुआं का भी जलस्तर काफी नीचे चला गया  है। ग्रामीणों को पानी लाने घर से काफी दूर जाना पड़ता है। इस संबंध में बीडीओ सह सीओ उधवा राजेश एक्का ने बताया कि यदि किसी भी गांव में स्वच्छ पानी की समस्या है तो अविलंव सभी खराब पड़े चापाकल को दुरुस्त कर लिया जाएगा। जहाँ ग्रामीणों को पेयजल की समस्या हो रही हो तो इसकी जानकारी अविलंब प्रशासन को दे, जल्द ही पेयजल की समस्याओं को दूर किया जाएगा।

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